खेल धर्मांतरण का

 

खेल धर्मांतरण का

ठीक नो वर्ष पहले 29 नवंबर 2004 को शंकराचार्य जयेंद्र सरस्वती जी को खून के आरोप मे गिरफ्तार कर लिया गया !! और आज 9 साल बाद कोर्ट ने उनको और उनके 23 साथियो को बाइज्जत बरी कर दिया है !

http://navbharattimes.indiatimes.com/articleshow/26454898.cms

मुख्य बात ये है कि नो साल पहले विदेशी टुकड़ो पर पालने वाला भांड मीडिया जब कत्ल के आरोप मे विधवा विलाप कर रहा था ,दिन भर छाती कूट कूट कर रो रहा था ! आज उसके गले मे हड्डी फंस गई है और इस खबर पर बिलकुल मौन है !!

अभी एक दो महीने पहले स्वामी नित्यानन्द जिनकी दो साल पहले मीडिया ने सेक्स CD दिखा बहुत बदनाम करा था उनको कोर्ट ने सेक्स CD केस मे बरी करा है ! मीडिया उस पर भी मौन रहा !!

नीचे दी गई link के अनुसार कर्नाटक के स्वामी नित्यानंद की फर्जी सेक्स सीडी अमेरिकी जाँच अधिकारी द्वारा भी नकली पाई गई… अमेरिकी लैब की जाँच में साबित हुआ है कि वीडियो में पाया गया व्यक्ति नित्यानंद नहीं है, तथा उस वीडियो में निरंतरता भी नहीं है (अर्थात छेड़छाड़ की गई है). फिर मामला कोर्ट में चला गया…

http://www.daijiworld.com/news/news_disp.asp?n_id=123627

2) इस दूसरी लिंक के अनुसार जिस अभिनेत्री (अर्थात रंजीता) की उस वीडियो में बदनामी की गई थी, उसे हाईकोर्ट से यह राहत मिली है कि कोर्ट ने स्टार टीवी और इसके उप चैनल (स्टार विजय )और दूसरे चैनलो को नौ सितम्बर 2013 तक अपने चैनल पर लगातार प्रति घंटे माफीनामा चलाने का आदेश दिया है… (यही चैनल नित्यानंद की सबसे ज्यादा बढ़चढ़कर बदनामी करने में लगा था).
(यह खबर 3 सितम्बर 2013 की है)

link पर click कर देखें !

http://www.daijiworld.com/news/news_disp.asp?n_id=186872
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आखिर मीडिया क्यों हमेशा हिन्दू संतो को बलत्कार ,ह्त्या जैसे केसो मे बदनाम करती है ???

दरअसल भारत के गरीब क्षेत्रों ,वनवासी इलाको मे बहुत बड़े सतर पर (धर्म परिवर्तन )धर्मांतरण हो रहा !! गरीबों को बहला फुसला कर उनको पैसे का लालच देकर ईसाई बनाया जा रहा है !! और ये मिशनरी सिर्फ धर्म नहीं बदलते बल्कि इसके साथ उनमे अलगाव की भावना भी पैदा कर देते है !!

भारत के एक राज्य नागालैंड इन मिशनिरों ने इतने लोगो का धर्म परिवर्तन किया है कि वहाँ इनकी संख्या हिन्दू से अधिक हो गई !!

और परिणाम आपके सामने है ! नागालैंड भारत का ऐसा राज्य है जिसमे आपनी राज्य भाषा अँग्रेजी घोषित कर दी है !! वहाँ के लोगो मे अलगाव की भावना पैदा हो गई है !वो लोग भारत से अलग होना चाहते है ! अलग देश बनाना चाहते है !इसी प्रकार केरला और अन्य तीन राज्यो मे ईसाई बहूसंख्यक हो गए !!इसी प्रकार छतीसगर ,झारखंड ,आंध्रप्रदेश आदि इलाको मे ये मिशनरी अपना कार्य बढ़ा रहे हैं !!
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और जो साधू संत इनको रोकने की कोशिश करते हैं या ईसाई धर्म अपना चुके हिन्दुओ को फिर से हिन्दू बनाने का कार्य कर रहें है उन पर ये लोग झूठे आरोप लगाकर फँसाते है !!

कुछ वर्ष पूर्व शंकराचार्य जी पर कत्ल का आरोप लगा दिया गया दीवाली की रात उनको गिरफ्तार कर लिया ! विदेशी star news और अन्य चैनल 3 महीने तक अपनी छाती कूटते रहे ! लेकिन आज कोर्ट ने उनको बरी कर दिया !! लेकिन उनको फसाने का मुख्य कारण क्या था ???

कारण एक मात्र था कि शंकराचार्य एक मात्र ऐसे संत है जिनके आश्रम को हर साल 5 हजार करोड़ का दान आता है वो हर साल 5 हजार करोड़ रुपए मे से अधिकतम रुपए खर्च करते है उन गरीब भोले भाले ,दलित वनवासी लोगो पर जिनहे ईसाई मिशनरियों ने सेवा और पैसे का लालच दे उनका धर्म बदल दिया है !! शंकराचार्य जी उनके लिए निशुल्क स्कूल चलाते है बच्चो की किताबों ,खाने पीने ,रहने आदि का सारा खर्च खुद उठाते है इसी प्रकार उनके बहुत से निशुल्क हास्पिटल भी चलते हैं !! और इन सब पर हो
सैंकड़ों करोड़ खर्च कर देते हैं !

आप कहेंगे 5000 करोड़ इतनी बड़ी रकम ??

लेकिन आपको शायद मालूम नहीं की भारतीयो को ईसाई बनाने के लिए हर साल अमेरिका आदि देशो से 24000 करोड़ रुपए आते है !! जो यहाँ ईसाई संस्थाओ ,बड़े बड़े NGOS को बांटे जाते है! हम जो पैसे विदेशी कंनपनियों को उनका सम्मान खरीद कर देते है वो अपनी कुल आए का 10 % चर्च मे देते है फिर वो पैसा लोगो को ईसाई बनाने के लिए भारत आता है !!

अब कोई भी संत जो इन ईसाई मिश्नरीयो के काम के बीच रुकावट बनता है ! उनको वो अपने पालतू मीडिया और सरकार द्वारा झूठे आरोप लगाकर बदनाम करवाते हैं !!

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और स्वामी नित्यानन्द की भी यही कहानी है !!

दक्षिण भारत के कई हिस्से जो की इसाई मिशनरियों के लिए बड़े ही शानदार सफलता के केंद्र बने ,,,, वहा पर कई दशको के बाद एक ऐसा युवा संत आया जो की उनकी नीव हिल कर रख दी थी ,,,,,, उस संत का नाम है स्वामी नित्यानंद.

,,,,,,,,और हम सभी अच्छी तरह से यह जानते हैं की स्वामी नित्यनन्द का कोई भी आज नाम ले ले बस सबके मन में एक ही विचार कौधता है \\\”अरे वह सेक्स सीडी वाला\\\”.

जिस नित्यानंद को आज हिन्दू समाज स्वीकार करने तक को तैयार नहीं है उसने अपने जीवन का तीन दशक भी पूरा नहीं किया था तभी उसने लाखो ईसाइयों को उनके मूल हिन्दू धर्म में मिलकर उन्हें उतना ही राष्ट्रीय कर दिया जितना की उनके पूर्वज हुआ करते थे.

कई लाख लोगो को नित्यानंद ने अपने प्रवचन शक्ति के बल पर , अपने सहयोग शक्ति के बल पर इसाई बनकर अराष्ट्रीय होने से रोक लिया.,,,,,,,इसलिए सत्ताधीशो का ऐसे लोगो से डरना नितांत जरुरी ही था.

इन लोगो ने उस व्यक्ति के खिलाफ एक सेक्स सीडी जारी कराव दी और फिर उस सीडी को मीडिया ने बड़े मेहनत से अपने चैनलो पर दिखाया और प्रचारित किया और घोषणा भी कर दी की यह व्यक्ति चरित्रहीन है ,,,,,, पर जब विभिन्न ख्यातिप्राप्त प्रयोगशालाओ से यह बात निकल कर आई की वह सीडी नकली है और स्वामी नित्यानंद के बार बार मांग की कि सीडी कि सच्चाई लोगो को बतायी जाय और उसे सार्वजनिक किया जाय ,,,,,, पर न तो किसी मीडिया चैनल को यह फुर्सत है और नहीं किसी नेता को ,,,,,,,, ऊपर से कुछ समाचार पत्रों ने यह खबर जरुर प्रचारित कर दी कि नित्यानंद को अपनी गलती का भान हो गया है इसलिए वो पश्चाताप के लिए हठयोग कर रहे है और इस समाचार को इतने विश्वाश से लिखा गया था मानो उस पत्रकार के ही सलाह से स्वामी नित्यनन्द हठयोग के लिए बैठे थे..

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और भारत को ईसाई बनाना है ये साजिश कोई नई नहीं है !
अंग्रेज़ो के समय से है अंग्रेज़ो का लक्ष्य था सम्पूर्ण भारत देश को ईसाई बनाना !
और इस लक्ष्य के लिए उन्होने संसद मे प्रस्ताव पारित किया था !!
23 जून 1813 को अंग्रेज़ो की संसद हाउस आफ कामन्स मे एक प्रस्ताव पारित हुआ कि भारत को पूरी तरह से ईसाई बनाना है ये हमारा मुख्य लक्ष्य है व्यपार और धंधा करना तो इस लक्ष्य की पूर्ति के लिए है !!

भारत को ईसाई बनाने के लिए और क्या क्या किया जा रहा है यहाँ click कर देखें !!

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