गोमूत्र के फायदे

गोमूत्र के फायदे

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भारतीय संकृति में गाय का बहुत महत्व है |गौ एकमेव ऐसा प्राणी है जिसे “गौमाता” कहकर संबोधित किया जाता है |गौ को माता के बराबर स्थान दिया गया है |गौ को पूजे बिना कोई भी धार्मिक कार्य शुरू ही नहीं किया जा सकता |गौ एक ऐसा उपयोगी पशु है जिसके शरीर द्वारा उत्पन्न सभी उत्पादन मनुष्य को जीवन,आरोग्य,सुख,शांति,आनंद,समाधान देते है |उसके गोबर,गौमूत्र, दूध,दही,घी, इन पांचो उत्पादनों में से “गौमूत्र” के बारे में आज हम जानने वाले है |

गौमूत्र में पोटाशियम, कैल्शियम, मैग्नीशियम, फोस्पोरस, पोटयाश, अमोनिया, क्रिटेनिन, नाइट्रोजन, सोडियम, कार्बोलिक, असिड्स, लैक्टोज, पाचकरस, हार्मोन्स व अनेक खनिज द्रव्य होते है, जो मनुष्य के शरीर शुद्धि व् पोषण करते है |

दांत के रोग में दांत साफ़ करके, गौमूत्र थोड़ी देर मुँह में रखने से दंतरोग एकदम ठीक होते है | ये उसमे मौजूद कार्बोलिक एसिड के कारण होता है |

छोटे बच्चो की हड्डीया कमजोर हो तो सुबह खाली पेट नियमित ५० मिलि. गौमूत्र लेने से कुछ ही दिन में हड्डीया मजबूत होती है |

गौमूत्र में मौजूद लैक्टोज बच्चो तथा वयस्क को प्रोटीन देते है|

गौमूत्र, अपने ह्रदय की पेशियों को टोन अप करता है|

गौमूत्र वृद्धावस्था में दिमाग को कमजोर नहीं होने देता |

गौमूत्र, महिलाओ में “हिस्टीरिया” जनिक मानसिक रोगों को रोकते है|

सिफलिस, गनेरिया जैसे यौन रोगों को गौमूत्र नष्ट करता है |

सुबह खाली पेट आधा कप गौमूत्र लेने से सभी यौन रोग शत् प्रतिशत ठीक होते है |

सबसे महत्वपूर्ण की गौमूत्र से ठीक हुए रोग वापस जल्दी नहीं होते , ये गौमूत्र का विशेष गुण है |

गौमूत्र में मौजूद कार्बोलिक एसिड हड्डियों, मज्जा व वीर्य को शुद्ध करता है |

गौमूत्र रोज नियमित पीने से एक महीने में २ से ३ किलो अतिरिक्त वजन कम होता है |

गौमूत्र त्वचा के रोगों के लिए सर्वौत्तम दवाई है |

गौमूत्र से अधिक कोलेस्ट्रोल नष्ट होता है |

गौमूत्र थाइरोइड में भी बहुत फायदा करता है

गौमूत्र से कब्ज बीमारी पूरी तरह ठीक हो जाती है |

गौमूत्र से पाइल्स (बवासीर) ठीक होता है |

हार्ट में जो ब्लॉकेज होते है वो भी गौमूत्र के सेवन से धीरे धीरे खुलने लगते है |

५ पत्ते तुलसी,५ चम्मच गौमूत्र नियमित लेने से पहली स्टेज का कैंसर, टी.बी ठीक होता है |

नियमित गौमूत्र लेने से बैक्टीरियल व वायरल इन्फेक्शन कभी नहीं होता |

३० मिली. गौमूत्र में ३ चम्मच शहद मिलाकर बच्चों की पिलाने से बच्चो के पेट में थ्रेडवर्म्स, सूत्रकृमि एक हफ्ते में खत्म हो जाती है |बच्चे निरोगी होते है |

बेकरी के पदार्थ. वड़ापाव, पकोड़े, फास्टफूड,ऐसे पदार्थो से गैस,खट्टी डकार,एसिडिटी और इसके जैसे बिमारी होती ही है| इसपर डॉ. गोली या सिरप देते है जिससे बीमारी पूरी तरह ठीक नहीं होती और हमेशा के लिए अपना घर बना लेते है| इन सब बिमारी पर गौमूत्र सबसे रामबाण उपाय है |

अल्सर होने पर ऑपरेशन की सलाह दी जाती है पर ऐसे ऑपरेशन गौमूत्र के नियमित सेवन से टाले जा सकते है |

जो लोग हमेशा गौमूत्र का सेवन करते है उनकी पाचन शक्ति उत्तम होती है |

गौमूत्र से जख्म जल्दी ठीक होती है और टिटनेस होने की सम्भावना खत्म हो जाती है |

१ चम्मच गौमूत्र में २ बूंद राई का तेल मिलाकर नाक में डालने से बंद नाक खुल जाती है |

गौमूत्र में गाय का घी और कपूर मिलाकर कपडे को गिला कर सीने पर रखने से कफ पिघल जाते है और श्वास लेने में तकलीफ नहीं होती है |

सायटिका,घुटने, कोहनी,पिंडलियों मासपेशिया का दर्द, सुजन आने पर गौमूत्र से अच्छी दवाई और कोई नहीं |

संधिवात,हड्डी कमजोर होना, रूमेटिका फीवर और अर्थराइटिस में सभी प्रकार की दवाइयॉ निष्फल हो जाते है पर ऐसी ही ८० प्रकार की वात रोगों में गौमूत्र में एकमात्र औषध है | इसके लिए आधा कप गौमूत्र २ ग्राम शुद्ध शिलाजीत, १ चम्मच सोंठ चूर्ण, शुद्ध गूगल या महायोगराज गूगल की २ गोलिया मिलाकर पिलाये इससे हड्डियों की बीमारी ठीक होते है|

गौमूत्र से लघुशंका की बीमारी, कब्ज दोनों में लाभ करता है | ऐसे समय ५० -५० मिली गौमूत्र लेने से लाभ होता है |

गौमूत्र में एरंडी का तेल अथवा बादाम रोगन १ चम्मच मिलाकर देने से कब्ज साफ़ होता है |

गाय के दूध में २ चम्मच घी मिलाकर पिलाने से गर्भवती महिलाको कब्ज की बीमारी नहीं होता |

छोटे बच्चो को शौच में तकलीफ हो तो गौमूत्र में २ चम्मच शहद मिलाकर पिलाये|

डायबिटीज में गौमूत्र बहुत उपयोगी है इससे डायबिटीज कंट्रोल में रहता है |

लीवर,पीलिया, (jaundice) जैसे रोगों में गौमूत्र व पुनर्नवा लेवे | एलोविरा का ३० मिली. रस में ५० मिली. गौमूत्र का रस मिलाकर पीने से पाचन प्रक्रिया के सभी अंग रोग मुक्त होते है |

२ ग्राम अजवाइन का चूर्ण या जायफल पीसकर गौमूत्र में मिला कर पिलाने से पेट दर्द, भूक न लगना जैसे बीमारियों में लाभ मिलता है |

खुजली, एक्झिमा,सफ़ेद दाग, कुष्ठ रोग में गौमूत्र में गिलोय का रस मिलाकर सुबह शाम लेने से ऐसी बीमारिया जल्दी ठीक होते है |

ह्रदय विकार में गौमूत्र पीने से खून में की गाँठ पिघलती है |

हाई ब्लड प्रेशर,लो ब्लड प्रेशर में गौमूत्र में मौजूद लैक्टोज से बहुत लाभ होता है | ह्रदय रोग में गौमूत्र एक उत्तम टॉनिक है |

गौमूत्र,सर और धमनियों में कोलेस्ट्रोल(वसा) जमने नहीं देता |

यदि आपकी किडनी कम नहीं करती तो गौमूत्र का सेवन करे |

प्रोटेस्ट ग्रंथि बढ़ गयी हो तो गौमूत्र ले |

गौमूत्र से किडनी व् प्रोटेस्ट ग्रंथि के कार्य करने की क्षमता बढती है |

गौमूत्र व तुलसी सभी प्रकार के वास्तु दोषो का नाश करता है|

गौमूत्र जैसी दूसरी दवाई नहीं है, जो छोटे बच्चो से लेकर बूढो तक,बिना किसी रोग के नियमित ले सकते है |

गौमूत्र सदा ८ बार सूती कपडे से छान ले |

गौमूत्र में शहद मिलाकर रखने से वो ज्यादा दिन टिकता है

जो गाय १ महीने में ब्याने वाली है या ब्याने के १ महीने बाद तक गौमूत्र नहीं लेना चाहिए|

बीमार गाय का गौमूत्र नहीं लेना चाहिए|

ताजा गौमूत्र नहीं मिलता हो तो गोझरण अर्क लेवे और उसके साथ गोझरण वटी जरुर लेवे |

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