हल्दी घाटी की लड़ाई का सच

#महाराणा_प्रताप_ही_हल्दीघाटी_के_विजेता

हिंदुत्व के अजर अमर अधिनायक महाराणा प्रताप तथा आक्रांता अकबर के मध्य लगभग 25 वर्षो तक दीर्धकाल -अवधि तक युद्ध चलता रहा । अनन्त अकबर को हार मानकर संघर्ष से अपने हाथ खींच लिए , यधपि इससे महाराणा प्रताप के साम्राज्य को भी क्षति तो पहुंची, लेकिन विजय का सेहरा उन्ही के सिर बंधा !

जून 1576 को हल्दीघाटी की प्रसिद्ध लड़ाई लड़ी गयी ! यह वही युद्ध था जिसमे महाराणा प्रताप के घोड़े चेतक ने जहांगीर के हांथी की कनपट्टी पर अपने आगे के दोनों पांव रख दिये थे । महाराणा प्रताप ने अपने लंबे भाले से उसपर प्रहार किया, लेकिन वह ओदे के पीछे छिप गया, महावत की हत्या हो गयी ।

हल्दीघाटी का युद्ध निश्चित रूप से महाराणा प्रताप ने ही जीता था । हल्दीघाटी का युद्ध हुआ 1576 में , ओर राणा प्रताप जी का स्वर्गवास हुआ 29 जनवरी 1597 को ।

76 से लेकर 97 के बीच का समय 21 वर्ष का होता है !

इतिहासकारों के अनुसार माने तो महाराणा प्रताप की सेना कुछ ही घंटों में खत्म हो गई थी । अगर उनकी सेना कुछ ही घण्टो में खत्म हो जाती, तो क्या राणा प्रताप आगे के 21 वर्ष आजाद रह पाते ? या जीवित रह पाते ?

सच्चाई यही है, की जब 40,000 की फौज को पलक झपकते ही राजपूतो ने काटना शुरू कर दिया था ! तो अकबर की बची कूची सेना दुम दबाकर भागी ।

इतिहास का एक ओर बड़ा झूठ है, की महाराणा भीलों को साथ लेकर लड़े ! राजपूतो ने उनकी मदद नही की, यह व्यर्थ की बकवास है । राणा की भीलों ने अवश्य मदद की थी, लेकिन ऐसा नही है कि राजपूतो ने उनका साथ नही दिया था ! अगर ऐसा होता, तो अकबर के विरुद्ध युद्ध वो जीत ही नही पाते ।

अकबर को हल्दीघाटी की लड़ाई के बाद अपना किला छोड़ लाहौर भागना पड़ा था । 1576 के बाद अकबर के सारे अभियान बंगाल की तरफ ही है । लेकिन राजस्थान की तरफ मुँह तक नही किया !!

यह भी गलत बात है कि राणा चितोड़ के किले पर अपना अधिकार नही कर पाए थे, अमरसिंह ओर जहांगीर की संधि ही चितोड़- मुगल संधि कही जाती है । 17 बार आक्रमण करने के बाद भी मुगल अमरसिंह को हरा नही पाए थे ।

यह इस बात का पर्याप्त सबूत है कि इन 21 सालो में महाराणा ने अपने आप को इतना शक्तिशाली बना लिया कि दुबारा मुगल कभी मेवाड़ की ओर मुख नही कर पाए ।

बुद्धि से सोचा जाए जो हल्दीघाटी के युद्ध के विजेता सिर्फ और सिर्फ महाराणा प्रताप थे । उनके साथ पूरा राजपुताना था ।

 

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