Acidity

Memory traning practice-4

आज हम सभी एक और सामान्य पर खास बिमारी का उपचार याद करते हैं। प्रक्रिया से आप सभी वाकिफ है। पर इसे पुनः स्टेप बाय स्टेप लिख रहा हूं।

स्टेप 1-पोस्ट को एक बार स्पीड में पढ़ जाइये फिर दूसरी बार थोड़ा धीरे धीरे पढिये।इससे आप पोस्टको आसानी से समझ पाएंगे।ये रहा आज का पोस्ट।

पेट दर्द के घरेलू उपचार
एसिडिटी और हाइपर एसिडिटी के लिए जादुई नुस्खा।
Magical Treatment In Acidity and hyperacidity.

क्या आप जानते हैं, एसिडिटी की दवा से हो सकती हैं आपकी किडनी खराब। जब हम खाना खाते हैं तो इस को पचाने के लिए शरीर में एसिड बनता हैं। जिस की मदद से ये भोजन आसानी से पांच जाता हैं। ये ज़रूरी भी हैं।

मगर कभी कभी ये एसिड इतना ज़्यादा मात्रा में बनता हैं के इसकी वजह से सर दर्द, सीने में जलन और पेट में अलसर और अलसर के बाद कैंसर तक होने की सम्भावना हो जाती हैं।

ऐसे में हम नियमित ही घर में इनो या पीपीआई (प्रोटॉन पंप इनहिबिटर्स) दवा का सेवन करते रहते हैं। मगर आपको जान कर आश्चर्य होगा के ये दवाये सेहत के लिए बहुत खतरनाक हैं। पीपीआई ब्लड में मैग्नीशियम की कमी कर देता है। अगर खून पर असर पड़ रहा है तो किडनी पर असर पड़ना लाज़मी है।

जिसका सीधा सा अर्थ की ये दवाये हमारी सेहत के लिए खतरनाक हैं। हमने कई ऐसे मूर्ख लोग भी देखे हैं जो एसिडिटी होने पर कोल्ड ड्रिंक पेप्सी या कोका कोला पीते हैं ये सोच कर के इस से एसिडिटी कंट्रोल होगा। ऐसे लोगो को भगवान ही बचा सकता हैं।

तो ऐसी स्थिति में कैसे करे इस एसिडिटी का इलाज।

पेट में दर्द होना एक आम समस्या है ,जिससे लगभग सभी व्यक्तियों को जीवन में बार बार सामना करना पड़ता है | इनके कई अलग अलग काऱण हो सकते है । पेट दर्द के मुख्य कारण कब्ज का होना, ज्यादा गैस बनना, अपच, विषाक्त भोजन सेवन करना आदि सकता हैं।यहाँ पर हम कुछ आसान से उपाय बता रहे है जिसको करके आप पेट दर्द में आराम प्राप्त कर सकते है ।

*पेट दर्द मे हींग बहुत ही लाभकारी है। 5 ग्राम हींग थोडे पानी में पीसकर पेस्ट बनाएं। इसे नाभी पर और उसके आस पास लगायें फिर क़ुछ देर लेटे रहें। इससे पेट की गैस निकल जायेगी और दर्द में राहत मिलेगी ।

*जीरा पेट दर्द मे बहुत हि लाभदायक है । जीरा को तवे पर भून ले । 2-3 ग्राम की मात्रा गरम पानी के साथ दिन मे 3-4 बार लें या वैसे ही चबाकर खाये शीघ्र लाभ प्राप्त होता है।

*10 ग्राम तुलसी का रस पीने से पेट की मरोड़ व दर्द जल्दी ही ठीक होता है।

*त्रिफला का 100 ग्राम चूर्ण में 75 ग्राम चीनी मिलालें इस चुर्ण का 5 ग्राम की मात्रा में दिन में 2 -3 बार पानी के साथ सेवन करें। इससे पेट की सभी बीमारियां समाप्त होती हैं।

*सूखा अदरक को मुहं मे चूसने से पेट दर्द में तुरन्त राहत मिलती है।

*पेट दर्द में पानी में थोडा सा मीठा सोडा डालकर पीने से फ़ायदा होता है।

*बिना दूध की चाय पीने से भी पेट दर्द में आराम मेहसूस होता हैं।

*अजवाईन तवे पर भून लें। इसको काला नमक के साथ मिलाकर 2-3 ग्राम गरम पानी के साथ दिन में 3 बार लेने से पेट के दर्द में शीघ्र आराम मिलता है।

*एक चम्मच अदरक के रस में 2 चम्मच नींबू का रस और थोडी सी चीनी मिलाकर दिन मे 3 बार लेने से भी पेट दर्द में आराम मिलता है।

*किसी भी पेट दर्द में केला खाना लाभकारी होता है। केला एक पोषक आहार होता है। केले का सेवन से पेट दर्द में शीघ्र आराम मिलता है।
*नींबू के रस में काला नमक, जीरा, अजवायन चूर्ण मिलाकर दिन में तीन चार बार लेने से पेट दर्द से आराम मिलता है।

*हरा धनिया का रस एक चम्मच शुद्ध घी मे मिलाकर लेने से पेट के दर्द में शीघ्र आराम मिलता है।

*अनार पेट दर्द मे बहुत लाभदायक माना गया है। अनार के बीज थोडी मात्रा में नमक और काली मिर्च के साथ दिन में दो तीन बार लें।

*मूली की चटनी, अचार, सब्जी या मूली पर नमक, काली मिर्च डालकर खाने से पेट के सभी रोग दूर होते है।

*चौलाई की सब्जी बनाकर खाने से पेट की सभी बीमारियां समाप्त होती है।

*सौंठ का 1 चम्मच चूर्ण और सेंधा नमक को एक गिलास पानी में गर्म करके पीने से पेट दर्द खत्म हो जाता है।

*इसबगोल को दूध के साथ रात को सोते वक्त लेते रहने से पेट के दर्द में आराम मिलता है ।

*प्याज को आग में गर्म करके रस निकाल लें और इस रस में नमक मिलाकर पीएं। इससे भी पेट का दर्द ठीक हो जाता है।

*दो चम्मच ग्राम सौंफ़ रात भर एक गिलास पानी में गलाएं इसे सुबह खाली पेट छानकर पीयें पेंट दर्द मे आराम मिल ता है ।

स्टेप-2 अब जब आप पोस्ट को पूरा पढ़ चुके हैं तो इस पोस्ट के key words को एक जगह लिख लीजिये जिसे याद करना है।
ये शब्द इस प्रकार है-
Ppi,हींग,जीरा,तुलसी, त्रिफला,अदरक, खाने का सोडा,अजवायन,केला,धनिया,घी,अनार,मूली,चौलाई,सोंठ,इसबगोल,प्याज,सौंफ।
Step-3
इसमे सभी शब्द सामान्य है पर ppi अलग है इसे कोडिंग करेंगे। इसे पिपही बना देते है जो मिलता जुलता आवाज में है मतलब रिदम में है।
त्रिफला-फल
अजवायन-वाइन
सोंठ-सोटा
Step-4
अब इस सभी को जोड़कर एक कहानी बना लेंगे। एक आसान कहानी मैंने अपने लिए बनाई है।आप अपना कहानी बनाइये या इस कहानी को द्वख लीजिये।

स्टोरी-
सादी की एक बारात आपके घर के बाहर गुजर रही थी। बैंड वाले बाजा बजा रहे थे। तभी पिपही (ppi) बजाने वाले के पेट मे अचानक से दर्द हो गया और वो नीचे गिर गया। सभी दौड़े उसको उठाकर आपके घर मे रखा। वो बेचारा पेट पकड़े हुए था। आपने अपने मसालों की डिब्बियों से हींग पाउडर और जीरा को मिलाकर उसे खिलाया पर उसे उल्टी हो गई और जहां उल्टी हुई थी वहां एक तुलसिं का पौधा उग गया तुरंत। उसमे तुरंत फल (त्रिफला) भी लग गए। आपने उन फलो को तोड़कर काटा तो उसमें सूखे हुए अदरक भरे हुए थे। आपने उसे पाउडर करके वाइन(अजवाइन) में मिलाया और पी गए ऊपर से एक बड़ा सा एक हांथ जितना बड़ा केला खाया। आपके दोस्त ने धनिया के पकोड़े आपके लिए ट्रे में लाये है वो भी घी में छानकर। आप शौक से खाते है पर नमक कम है।आप ट्रे में नमक चाटते है पर को कड़वा खाने वाला सोडा निकल गया। आपका टेस्ट बिगड़ गया। आपने कुछ बाहर से लाने के लिए कहा।
आपका दोस्त बाहर गया और बड़ा सा अनार और मूली लाया। वो तो दरवाजे जितना बड़ा है और घर मे घुस भी नही पा रहा है। आप चाकू से अनार को काटते है तो उसमें लाई (चौलाई)भरा हुआ था। आप सब को सोटा(सोंठ) से पीटते हैं । सब फुट जाते है। आप उनको इसबगोल में मिला देते हैं और प्याज का रस में मिलाकर पी जाते हैं। पीने के बाद सौंफ चबाते है जिससे टेस्ट थोड़ा बेहतर हो जाता है।
वो बाज़ा वाला भी ठीक हो गया है तब तक।
Step-4
अब इस कहानी को दोहराइये।इसके कीवर्ड को बिना देखे लिखिए।
एक बार तो कहानी के क्रम के अनुसार लिखिए।
दूसरा बार ठीक उलट क्रम में लिखिए।
24 घंटे के अंदर 3 बार रिवीज़न कर लीजिए।

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