स्वर-साधना का ज्ञान

|| स्वर-साधना का ज्ञान || साभार डाँ०अमनदीप सिंह चीमाँ, पंजाब WhatsApp 9915136138 परिचय- जिस तरह वायु का बाहरी उपयोग है वैसे ही उसका आंतरिक और सूक्ष्म उपयोग भी है। जिसके विषय में जानकर कोई भी […]

दैनिक योग का अभ्यास क्रम

*दैनिक योग का अभ्यास – क्रम* *प्रारंभ*      : तीन बार ओ३म्  लंबा उच्चारण करें। *गायत्री – महामंत्र*    : ओ३म् भूर्भुव: स्व:। तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि।  धियो यो नः प्रचोदयात्।। *महामृत्युंजय – मंत्र*    : ओ३म् त्र्यंबकम […]

ओशो के सभी प्रवचन

हालांकि मैं ओशो से पूरी तरह सहमत नही हूँ। फिर एक बात तो है कि ओशो को सुनकर कई तरह के विचार से अवगत हुआ हूं जो पहले नही जानता था । मुझे तो हमेसा […]

ओबेसिटी या मोटापा

आसन और प्राणायाम सूर्य नमस्कार तिर्यक ताड़ासन त्रिकोणासन कोणासन पाद हस्तासन चक्की चलन स्थिर कोणासन पश्चिमोत्तानासन भुजंगासन शलभासन द्विचक्रिका आसन पाद वृतासन मर्कट आसन शवासन भस्त्रिका कपालभाति अनुलोम विलोम बाह्य प्राणायाम अग्निसार उज्जायी सर्वकल्प क्वाथ […]

Yog kyo karte hain.?

द्वैत और आनंद क्यों करते हैं योग ? सुख और दुःख हमेशा मौजूद रहते हैं इस सिद्धांत को ही द्वैत सिद्धांत कहते हैं। दिन है तो रात भी है अँधेरा है उजाला भी है लड़का […]

वैराग्य को धारण करना आसान होता तो हर कोई वैरागी ही होता

तत्परं पुरुषख्यातेर्गुणवैतृष्णयम् ।। सूत्र 1.16 वैराग्य को धारण करना आसान होता तो हर कोई वैरागी ही होता। पर इसकी मुश्किल और जटिलता ही है जो कुछ ही लोग इसको जान पाते हैं। वैराग्य का अर्थ […]