Lazyness

Life mangement basics

आलस या lazyness क्या है?
हमारे जीवन मे आलस का बहुत बड़ा रोल है।ये आलस ही हमारे सफलता और विफलता के बीच की दीवार है। आज आपको इसके बारे में बताने जा रहा हूँ।

आइये आज इसकी पूरी abcd जानते है।

A-avoid
आपको सबसे पहले बेड को अवॉयड कारण हैं। हमारे दिमाग को यही पता है कि बिछावन सोने के लिए है। इसलिए जब आप बेड पर बैठते है तो लेटने का मन करने लगता है। क्योंकि दिमाग सिग्नल देता है कि अब तो सोना है और बॉडी उसी हिसाब से मूव करने लगता है। तो बेड पर पढ़ाई या काम करने से बचिए ये आपके अंदर आलस भर देता है। चटाई या कुर्सी पर काम करिये।

C-creative & crazy
Creative and crazy makes the work easy
जब आप कुछ नया तरीके से कम करियेगा , कुछ रचनात्मक तरीके से कम कीजियेगा तो आप को काम करने में मज़ा आएगा । और जब मज़ा आएगा तो काम में आलस नही आएगा। इसलिए कोई भी काम को पागलपन जैसा करिये इसके लिए जरूरी है कि उसे नए और रचनात्मक तरीके से किया जाए। आलस भगाने का महामन्त्र यही है।
D-dopamine
ये एक  हार्मोनल केमिकल है जो आपकी will power को बढ़ाता है। अगर आपके दिमाग मे डोपामाइन का लेवल कम होगा तो आप अलसी बन जाइएगा। अगर हलास आपमे जयक़द है तो डोपामाइन के लेवल को बढ़ाना होगा।
E-exercise and yoga
जब आप एक्सरसाइज या योग करते है तो आपके मष्तिष्क में डोपामाइन का लेवल बढ़ जाता है। इसलिए जो नियमित रूप से एक्सरसाइज यक व्यायाम करते है वो आलसी नही होते हैं और उनमें कोई भी काम करने की जिद होती है।सैनिक और योगी हमेसा कार्य को तत्पर रहते हैं। उसका कारण ये हॉर्मोन है। विशेष रूप से जब आप योग करते हैं तो आआपमे इच्छा शक्ति तो बढ़ ही जाती है पर आप थकते भी नही है। जबकि जिम के एक्सरसाइज से  आप थकते है। योग सबसे अच्छा विकल्प है।
F-food
फ़ूड अर्थात खाना । आप जो खाना खाते है वो हल्का होना चाहिये। मतलब भारी खाना आपके पाचनतंत्र को स्लो कर देता है। पूरा  सरीर ही जब खाने को पचाने में लग जाता है तो सरीर के अन्य काम भी धीरे ही जाते हैं। सरीर में ये धीमापन ही आलस में बदल जाता है। भारी खाने को पचने में समय ज्यादा लगेगा। आपने सुना भी होगा कि कई कई लोग खाली पेट और भूखे रहकर पढ़ाई करके IAS या IPS बन गए या बहुत सफल रहे उसका कारण ये पेट का हल्का होना है। आलस से लड़ने में इसका ध्यान रखिये।हल्का खाइये।रात को एकदम कम सुबह को ज्यादा दोपहर में सुबह से कम खाइये।
G-gift
खुद को गिफ्ट दीजिये जब आप कोई टारगेट पूरा करते हैं।आपको बस एक टारगेट सेट करना है। जब भी टारगेट पूरा करिये तो आपको खुद को मोटीवेट करना है गिफ्ट से। और अगर काम नही कर पाए तो दंड भी देना है। खुद ही खुद को ही।

इन सबपर काम करके आप अपने आलस को दूर कर सकते हैं।
दीपक राज सिंपल
योग शिक्षक , मेमोरी ट्रेनर और एक्यूप्रेशर हीलर
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