Memory training basics -5

Memory training basics -5
Passive writing
ये बहुत ही अजीब लग सकता है कि अगर हम सभी अपने कम काम मे आने वाले हांथ का उपयोग ज्यादा मात्रा में करें तो हमारा दिमाग तेज होगा और मेमोरी शार्प होगी।
पर ऐसा है।
हमारा दिमाग एक बड़ा अंग है। आपके हांथ की हथेली में आपका दिमाग आ सकता है ये इतना ही बड़ा होता है। इस दिमाग के सभी हिस्से एक समान काम नही करते हैं। किसी व्यक्ति के दिमाग का राइट हिस्सा ज्यादा काम करता है तो किसी व्यक्ति के दिमाग का लेफ्ट हिस्सा ज्यादा काम करता है। वैसे दिमाग के दोनों हिस्से ही काम करते है पर एक हिस्सा कम काम करेगा और एक हिस्सा ज्यादा काम करेगा। इसी के अनुसार हमारे सरीर के हिस्से भी काम करते हैं।
किसी व्यक्ति का सारीर का राइट हिस्सा ज्यादा काम करता है तो किसी के सरीर का लेफ्ट हिस्सा ज्यादा काम करता है।
वास्तविकता में सरीर और दिमाग का हर हिस्सा काम कर सकता है और एक छोटा सा प्रयास से ही ये काम हो जाएगा। एक छोटे से अभ्यास से हम सभी दिमाग के सभी हिस्सों को सक्रिय कर सकते हैं।
लियो नार्दो द विंची एक महान चित्रकार,इंजिनीअर, वैज्ञानिक,मूर्तिकार कवि था। इसके अलावा भी वो कई काम करता था। हिटलर एक हांथ से लिखता था और दूसरे हांथ से वो चित्र बनाता था। इतिहास को खंगालियेगा तो पाइयेगा की महान व्यक्ति ambidextrous हुए हैं। मतलब वो अपने दोनों हांथो से काम कर सकते थे।
सिनिस्टर एक अंग्रेजी शब्द है जिसका अर्थ है लेफ्ट हैंड से काम करने वाला। यूरोप में प्राचीन काल से ही माना जाता था कि लेफ्ट हैंड में शैतान का निवास होता है। अगर किसी व्यक्ति का लेफ्ट हैंड ही ज्यादा काम करता था तो उसे बहुत ही बुरी नज़र से देखा जाता था। समाज के लोग तो ऐसे लोगो से घृणा भी करते थे। कई सिनिस्टर को जिंदा जला दिया गया। भारतीय समाज मे ऐसा कभी नही हुआ । आप देख सकते है कि देवताओं के दोनों हांथो में समान रूप से अस्त्र शस्त्र और वाद्य यंत्र है । इसका मतलब था कि वो डॉय और बाएं हांथ दोनों से सामान रूप से कार्य करते थे।
आधुनिक समाज मे अब लेफ्टि होना कोई अपराध तो नही है फिर भी कई लोग इसे अजीब तरह से देखते हैं। जब मैं ये लिख रहा हूँ तो कई लोगो की याद आ रही है जिन्होंने मेरे इस प्रैक्टिस पर अंगुली उठाई । कब जब आप अपने दिमाग को एक नई लेवल तक उठाना चाहते है तो ये अभ्यास करिये जिसका नाम passive writing है। इसका अर्थ है आप जो हांथ से नियमित रूप से लिखते है उससे न लिखकर दूसरे हांथ से 2 से 4 पेज राइटिंग लिखना। सुबह शाम रात कभी भी लिख सकते हैं पर सुबह का लिखा हुआ विशेष रूप से फायदा करेगा। आप के दिमाग के वो हिस्से भी सक्रिय हो जाएंगे जो पहले से कम सक्रिय थे। आपकी मानसिक मजबूती बढ़ेगी , इच्छा शक्ति बढ़ेगी, भावनात्मक रूप से मजूबती आएगी और लॉजिकल एबिलिटी भी बढ़ेगी। आपको ये राइटिंग हमेसा के लिए करना है और धीरे धीरे आपको अम्बिडेक्सट्रोर्स बनना है।जहां आप दोनों हांथ से पूरी दक्षता से काम ले सकते हैं।
क्रमसः


 

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