Memory training basics -9

Memory training basics-9

मेन्टल डिक्टेशन

ये बहुत ही सामान्य सी दिखने वाला अभ्यास है। पर इसके तरीके में थोड़ा ही अंतर करने पर ये बहुत ही शक्तिशाली अभ्यास बन जाता है।
जब इस डिक्टेशन के बारे में ये अभ्यास तैयार कर रहा था तो ये इतना सरल हो जाएगा सोच नही था। योग में ध्यान के लिए सभी इंद्रियों को चुना जाता है। और ये 5 है तो 5 तरह के ध्यान भी इसि से जुड़े हुए हैं। इन 5 में से एक है श्रवण घ्यान। इसमे किसी खास आवाज पर ध्यान लगाया जाता है। अपने कई स्टूडेंट को ये तरीके बताया और अच्छा रिजल्ट मिला । स्टूडेंट ने कहा कि सुनी हुई बाते अब दिमाग मे अच्छे से याद होती है और लगता है कि अभी ही इसे सुना है जबकि ये कई दिन पहले का सुना गया होता है। इस अभ्यास से सुनी गई बाते स्वाभाविक रूप से याद हो जाती है।
योग और ध्यान के नाम पर कई स्टूडेंट दूर भागते हैं। अगर उनको कहा जाए कि ध्यान या योग करने चलो तो वो पहले से मान लेते है की कोई बोरिंग काम होने वाला है। हालांकि योग और ध्यान कभी बोरिंग नही हो सकता है। फिर भी समाज की परंपरा जो चल पड़ी है उसको देखते हुए मैंने श्रवण ध्यान में कुछ फेरबदल की और इसे मेन्टल डिक्टेशन का नाम दिया। अब बच्चे इसे आराम से प्रैक्टिस करते है और बडे भी कही भी और कभी भी ध्यान लगाने के लिए इसका प्रयोग करते हैं।

इसके स्टेप्स जानते हैं।
स्टेप 1 प्रारम्भ में आपको सुन सुन कर लिखना है जैसा कि आपके टीचर स्कूल में लिखवाते है पर ध्यान में ये रखना है कि -एक बार मे एक शब्द लिखना है और जो डिक्टेशन करवा रहा है वो कोई भी शब्द दुबारा रिपीट नही आपको सुन सुन कर लिखते जाना है। एक पेज लिखना प्रयाप्त है।

स्टेप 2 जब स्टेप 1 का अभ्यास हो जाये तो इसे कर सकते हैं। आपको इसमे लिखना तो नही है पर दोहराना है। और इस बार कोई डिक्टेशन करवाने के लिए मौजूद नही रहेगा। आपको कोई गाना या ऑडियो स्टार्ट करना है। आप अपना फेवरेट गाना भी बज सकते हैं । आपको गाने या ऑडियो के बोल को सुन सुनकर मन ही मन मे दोहराना है। एक शब्द भी छूटना नही चाहिए। हर शब्द पर ध्यान हो और मन मे दोहराइये। कोई सुन नही रहा है और कोई आपको इस प्रैक्टिस के लिए कोई नंबर तो देगा नही। आपको जो रिवार्ड मिलेगा वो एक अनुभूति होगी जब 2 से 3 दिन बाद आपको लगेगा कि बहुत सारी बाते जो आप भूल जाते थे वो याद हैं। मन मे दोहराने के साथ ही आप अपने होठों को भी हिला सकते हैं। आवाज नही आना चाहिए क्योंकि आवाज़ आएगी तो आप खुद को ही सुनने में बाधा उत्पन्न कर दीजियेगा। ये दूसरा लेवल का डिक्टेशन है।
स्टेप 3
अब आप जब ये सब अभ्यास 2 से 3 बार कर चुके हैं तो आगे का अभ्यास ये है। आपको तेजी के साथ सुनी गई बातों को लिखना है। जो गीत या ऑडियो आप सुन रहे है पहले ऐसा गीत हो जो स्लो चलता हो। इससे आपको लिखने का मौका मिलेगा। अब अपने अभ्यास के मुताबिक गीत चुनिए और अभ्यास करिये। सबसे अच्छा तो ये होगा कि अपने मन पसंद गीत को सुनकर उसके बोल को लिखने का अभ्यास करिये। एक बार मे नही होगा। तो गाना को दो से 3 बार मे भी लिखा जा सकता है।

स्टेप 4 अब जो अभ्यास करेंगे उसमे कुछ लिखना या ऑडियो बजाना नही है। आप किसी ऐसी जगह बैठिए जहां कोई ऑडियो सुनने की जरूरत नही है।जहां लोग बैठे हो और आपस मे बात कर रहे है। आपको उनकी बातों को मैन में रिपीट करना है। ये तो आसान काम है। अधिकतर महिलाओ पर ये विद्या इस्तेमाल करने का इल्जाम लगता है।
स्टेप 5 ये अंतिम स्तर है। आपको इंसानी बातो से हटकर प्रकृति की आवाजों को सुनना है। चिड़िया की आवाज को सुनिये और उसको ध्यान लगाइये। उसकी एक हल्की सी आवाज को भी मिस नही करिये। आप घर मे है तो घर मे पंखे की आवाज पर धयान लगाइये। हल्की सी आवाज को भी पकड़िए सुनने का प्रयास करिये। जब आप इस अभ्यास को करने लगेंगे तो आपको पता चलेगा कि आप कही पर भी इस ध्यान का अभ्यास कर सकेंगे। ध्यान के लिए कुछ खोजना नही पड़ेगा। आवाजे हर जगह मौजूद हैं। अगर आप इस मे सिद्धस्त हो गए तो आप अपने अंदर मौजूद आवाजों पर भी ध्यान लगा सकते है। अपने सांसो पर अपनी धड़कनों पर। जितनी गहराई में जाईयेगा आनन्द की अनुभूति होगी। मस्तिष्क न केवल शार्प होगा आप भविष्य में जो होने वाला है उसको भी मसहूस कर पाइयेगा।

 

क्रमशः
इन स्टेप्स में सब कुछ आ गया है।बच्चे को पहले 3 स्टेप पूरे करने को कहिये यही उनका अभ्यास है। बड़े है तो जल्दी से स्टेप 4 और 5 तक पहुंच सकते हैं। हालांकि ये तो बहुत ही सरल है।
क्रमसः

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