भारतीय इतिहास का विकृतिकरण 12

आइये देखें कि किस तरह ईसाई विद्वानों ने #वर्ण का अर्थ चमड़ी के रंग की नश्ल्भेदी सिद्धान्त की आधारशिला भारत मे रखी ? आर्यों के मनगढ़ंत कहानी का सिलसिला किसने और कैसे शुरू हुआ ? […]

भारतीय इतिहास का विकृतिकरण 11

भारतीय इतिहास का विकृतिकरण 11 ==================== भारत के इतिहास को आधुनिक रूप में लिखने की प्रक्रिया में पाश्चात्य विद्वानों ने इतिहास को इतना बदल या बिगाड़ दिया कि वह अपने मूल रूप को ही खो […]

भारतीय इतिहास का विकृतिकरण 9

भारतीय इतिहास का विकृतिकरण 9 ==================== यूरोपवासी आर्यवंशी अंग्रेजी सत्ता के उद्देश्य की पूर्ति में लगे न केवल अंग्रेज विद्वान ही वरन उनसे प्रभावित और उनकी योजना में सहयोगी बने अन्य पाश्चात्य विद्वान, यथा- मैक्समूलर, […]

भारतीय इतिहास का विकृतिकरण 8

भारतीय इतिहास का विकृतिकरण 8 ==================== कल से आगे का भाग…… भारत की प्राचीन परम्परा के अनुसार वेदों के संकलन कासृष्टि निर्माण से बड़ा घनिष्ट सम्बन्ध रहा है। कारण, उसका मानना है कि सृष्टिकर्ता ब्रह्मा […]

भारतीय इतिहास का विकृतिकरण 7

भारतीय इतिहास का विकृतिकरण 7 ==================== बात हो रही थी साहित्य में विकृत डालने इसी क्रम में कुछ प्रमुख ऐतिहासिक ग्रन्थों पर नजर डालते हैं – ऐतिहासिक ग्रन्थसंपादित करें (अ) राजतरंगिणी – कश्मीरी कवि कल्हण कृत […]

भारतीय इतिहास का विकृतिकरण 6

भारतीय इतिहास का विकृतिकरण 6 ≠=================== इस सम्बन्ध में भारतीय धर्मग्रन्थों की चर्चा हो रही थी आज बात करते हैं रामायण और महाभारत की भारत में अंग्रेजों के आगमन से पूर्व सभी भारतीयों को अपने […]

भारतीय इतिहास का विकृतिकरण 4

भारतीय इतिहास का विकृतिकरण 4 यूनानी साहित्य में बताया गया है कि सिकन्दर के भारत पर आक्रमण के समय यहाँ सेंड्रोकोट्टस नाम का एक बहुत वीर, योग्य और कुशल व्यक्ति था, जो सिकन्दर के भारत […]

भारतीय इतिहास का विकृतिकरण 3

भारतीय इतिहास का विकृतिकरण 3 ==================== वैज्ञानिकता के नाम पर ऐतिहासिक तथ्यों की उलट-फेर भारत के इतिहास को आधुनिक रूप में लिखने की प्रक्रिया में पाश्चात्य विद्वानों द्वारा वैज्ञानिकता के नाम पर भारतीय इतिहास, संस्कृति, […]

भारतीय इतिहास का विकृतिकरण

भारतीय इतिहास का विकृतिकरण ==================== भारत के पुरातन साहित्य में, यथा- वेदों, पुराणोंआदि में ही नहीं रामायण, महाभारत और श्रीमद्भागवत् सरीखे ग्रन्थों में भी सरस्वती का स्मरण बड़ी गरिमा के साथ किया गया है। भारत […]