यूरिन के रंग का अर्थ समझिये

यूरिन के रंग से रोग की पहचान

– यूरीन के रंग को प्रभावित करने वाले कारक

खाद्य पदार्थों के कारण यूरीन का रंग बदल सकता है। दवाओं, कीमोथैरेपी दवाओं, यूरीन मार्ग में संक्रमण के निदान के लिए ली गई दवाओं से भी यूरीन का रंग प्रभावित होता है। अगर आप इसमें से किसी को भी ले रहे हैं तो आपके यूरीन का रंग बदल सकता है।

1. हल्का पीला
आदर्श यूरीन का रंग स्पष्ट या पीले रंग का होता है। यह रंग बताता है कि आप बिल्कुल स्वस्थ हैं, और अपने स्‍वयं को अच्‍छी तरह से हाइड्रेटेड कर रहे हैं और आपका शरीर बहुत अच्छे से काम कर रहा है।

2. पीला
शरीर को अच्छी तरह से हाइड्रेटेड नहीं करने पर यूरीन का रंग पीला हो जाता है। शरीर में अत्यधिक पसीना आने या कम हाइड्रेशन के कारण भी यूरीन का रंग पीला हो सकता है। इससे बचने के लिए आपको तरल पदार्थ अधिक से अधिक मात्रा में लेने की सलाह दी जाती है।

3. गहरा पीला
दवाओं के कारण भी यूरीन का रंग गहरे पीले रंग में बदल सकता है। यूरीन का रंग गहरा पीला होने पर जितनी जल्‍दी हो सके अपने डॉक्‍टर से मिलना चाहिए क्‍योंकि यह लीवर विकारों या हैपेटाइटिस में से किसी एक का लक्षण हो सकता है।

4. दूधिया सफ़ेद
यूरीन का दूधिया सफेद रंग यूरीन मार्ग, यूरीन मार्ग के संक्रमण या किडनी की पथरी में बैक्‍टीरिया की उपस्थिति में वृद्धि का संकेत हैं। अगर आप यूरीन दूधिया सफेद रंग में बदल गया है तो तुरंत अपने डॉक्‍टर के पास जाये।

5. लाल या गुलाबी
यूरीन का रंग लाल या गुलाबी रंग में तब बदलता है जब आपने लाल रंग से बने भोजन या चुकंदर और ब्लैकबेरी जैसे प्राकृतिक लाल रंग का उपभोग किया हो। अगर इस तरह के खाद्य पदार्थों का सेवन नहीं किया है, तो यह यूरीन से रक्त के आने का संकेत होता है। आपके यूननेरी सिस्टम, किडनी में पथरी या बहुत ज्यादा एक्‍सरसाइज के कारण लाल रक्त कोशिकाओं के टूटने का कारण भी हो सकता है।

6. नारंगी
यूरीन समस्‍या को कम करने के लिए इस्‍तेमाल की जा रही दवाओं के कारण भ यूरीन का रंग नारंगी हो सकता है। इसके अलावा गाजर या गाजर के रस को लेने से भी यूरीन का रंग बदल कर नारंगी हो जाता है।

7. नीला या हरा
यूरीन का रंग नीला या हरा खाने में पड़े कृत्रिम रंग के कारण होता है। इसमें चिंता करने की कोई बात नहीं होती, हालांकि चिंता बनी रहती है। दुर्लभ मामलों में आनुवांशिक बीमारी के कारण भी यूरीन का रंग नीला और हरा हो जाता है।

किसी भी तरह का उपचार विशेषज्ञ की देख रेख में ही ले, क्योकि किडनी शरीर का बहुत अहम हिस्सा है। जरा सी लापरवाही नुक्सान पहुँचा सकती है।

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